अंडमान :  मिलेगी स्वर्णिम छटा

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में यद्यपि काफी सारे द्वीप हैं पर पर्यटक केवल कुछ ही द्वीपों पर जा सकते हैं। सफेद रेतीले समुद्रतट और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यहां भ्रमण करना शानदार अनुभव होता है। अंडमान में पोर्ट ब्लेयर, हैवलॉक द्वीप और नील द्वीप प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। पोर्ट ब्लेयर अपने दर्दनाक ऐतिहासिक अतीत की झलक दिखाता है, जबकि हैवलॉक और नील दोनों ही बेहद सुंदर हैं। हैवलॉक द्वीप में समुद्र तट से जुड़ी गतिविधियां अधिक मिलती हैं।

पोर्ट ब्लेयर स्थित कुख्यात सेल्युलर जेल या ‘काला पानी’ की यात्रा भारत के स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों के निर्वासन और इस दूरस्थ द्वीप की ऐतिहासिक भूमिका को समझने का अवसर देती है। पर्यटक आमतौर पर दिन में जेल परिसर देखने जाते हैं और शाम को प्रभावशाली लाइट एंड साउंड शो देखने के लिए फिर आते हैं। सप्ताह में तीन दिन यह शो अंग्रेजी में होता है, जबकि बाकी शो हिंदी में होते हैं।

ये दोनों द्वीप पोर्ट ब्लेयर से थोड़ी दूरी पर स्थित हैं और यहां फेरी से पहुंचा जा सकता है। रॉस द्वीप पर अंग्रेजों द्वारा बनाए गए औपनिवेशिक भवनों के खंडहर देखने लायक हैं, जिन पर अब प्रकृति ने अपना कब्जा जमा लिया यहां मोर, हिरण और कई तरह के उष्ण कटिबंधीय पक्षी दिखाई देते हैं। वाइपर द्वीप वह स्थान है, जहां सेल्युलर जेल बनने से पहले जेल हुआ करती थी। यह द्वीप अतीत की कठोर सच्चाइयों की याद दिलाता है। इसी तरह नॉर्थ बे द्वीप एक शांत द्वीप है, जो जल क्रीड़ाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां सुंदर प्रवाल भित्तियां हैं, जिन्हें स्नॉर्कलिंग या ग्लास बॉटम बोट के जरिए देखा जा सकता है।

बाराटांग द्वीप पोर्ट ब्लेयर से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां की यात्रा सड़क मार्ग से होती है, जो संरक्षित जनजातीय क्षेत्रों से होकर गुजरती है। यह यात्रा सख्त सरकारी निगरानी में होती है। जनजातीय क्षेत्र में रुकना या उनसे संपर्क करना निषिद्ध है। सरकारी काफिला सुबह-सुबह पोर्ट ब्लेयर से रवाना होता है। बाराटांग पहुंचने के बाद पर्यटक छोटी नौकाओं से सुंदर मैंग्रोव वनों को पार करते हुए चूना पत्थर की विशाल गुफाओं तक पहुंचते हैं। रास्ते में छोटे-छोटे मिट्टी के ज्वालामुखी भी दिखाई देते हैं। बाराटांग से लौटने का समय निर्धारित होता है और उसका पालन करना अनिवार्य है।

पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक जाने के लिए फेरी लेनी पड़ती है। तेज हवा के दिनों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसलिए जिन्हें मोशन सिकनेस की समस्या होती है, उन्हें दवाइयां साथ रखनी चाहिए। लेकिन द्वीप पर पहुंचते ही सफेद रेतीले समुद्रतट और शांत वातावरण मन मोह लेते हैं। यहां राधानगर बीच, एलीफेंट बीच और काला पत्थर बीच जैसे प्रसिद्ध समुद्रतट हैं। राधानगर बीच अपनी महीन सफेद रेत और सुंदर सूर्यास्त के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां स्नॉर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग का अनुभव बेहद शानदार होता है।

इस द्वीप पर माहौल हैवलॉक की तुलना में अधिक शांत और आरामदायक है। यह भी अपने सफेद रेतीले समुद्रतटों के लिए प्रसिद्ध है । हैवलॉक से नील द्वीप पहुंचा जा सकता है और चाहें तो इसे एक दिन की यात्रा में भी देखा जा सकता है। शांतहवातावरण पसंद करने वालों के लिए यह विश्राम का बेहतरीन स्थान है।

कैसे पहुंचें ? अंडमान पहुंचने का सबसे सुविधाजनक तरीका राजधानी पोर्ट ब्लेयर के लिए हवाई यात्रा है। पोर्ट ब्लेयर भारत के प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ा हुआसहै। द्वीपों के बीच आवागमन फेरी के माध्यम से होता है। सरकारी और निजी, दोनों तरह की फेरियां उपलब्ध हैं। निजी फेरियां अपेक्षाकृत तेज होती हैं।

कहां ठहरें?

अधिकांश पर्यटक पोर्ट ब्लेयर, हैवलॉक और नील द्वीप में ठहरते हैं। इन सभी स्थानों पर बजट, मिड-रेंज और लग्जरी, तीनों प्रकार के होटल उपलब्ध हैं। चूंकि ये स्थान आकार में छोटे हैं, इसलिए आरामदायक होटल का चयन करना जरूरी है।

कब जाएं?

अंडमान घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल तक होता है। अप्रैल में मौसम गर्म होता है, लेकिन काफी सूखा रहता है। मई से सितंबर के बीच मानसून का मौसम होता है, जब बारिश अधिक होती है। लेकिन मौसम में अनिश्चितता बनी रहती है।

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