विलियम शेक्सपीयर : इंग्लैंड में जन्मे विलियम शेक्सपीयर आज भी दुनिया

शेक्सपीयर ने नाटक और कविता के जरिए मानव भावनाओं को अभूतपूर्व गहराई से प्रस्तुत किया। उन्होंने अंग्रेजी भाषा को नए शब्दों और मुहावरों से समृद्ध किया और ट्रेजेडी-कॉमेडी के नए रूप स्थापित किए। उनके नाटक आज भी थिएटर और साहित्य की आधारशिला माने जाते हैं।

उन्होंने स्ट्रैटफोर्ड के ग्रामर स्कूल में शिक्षा प्राप्त की, जहां लैटिन भाषा और शास्त्रीय साहित्य पर जोर दिया जाता था। औपचारिक उच्च शिक्षा का कोई प्रमाण नहीं मिलता। इसके बावजूद उन्होंने स्व-अध्ययन और अनुभव से ज्ञान हासिल किया।

विलियम शेक्सपीयर, जिन्होंने अंग्रेजी साहित्य के नाटकों और कविताओं को नई पहचान दी पिता लेदर व्यापारी थे इंग्लैंड के स्ट्रेटफोर्ड अपॉन एवन में जन्मे शेक्सपीयर एक समृद्ध परिवार से आते थे।

उनके पिता जॉन शेक्सपीयर एक लेदर व्यापारी थे। कम उम्र में ही उन्होंने ऐने हेथवे से विवाह किया। दंपती के तीन बच्चे सुसाना और जुड़वां हम्नेट व जूडिथ हुए। हालांकि कुछ सालों बाद उनके बेटे जूडिथ की मौत हो गई। शादी के कुछ वर्षों बाद शेक्सपीयर के जीवन का एक रहस्यमयी दौर शुरू हो गया।

1585 से 1592 के बीच का समय शेक्सपीयर के जीवन के लॉस्ट ईयर कहलाते हैं। माना जाता है कि इसी दौरान वे लंदन पहुंचे और थिएटर की दुनिया से जुड़े। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को नाटककार और अभिनेता के रूप में स्थापित किया और लॉर्ड चैम्बरलेन्स मेन (बाद में किंग्स मेन) नामक प्रसिद्ध थिएटर कंपनी के सदस्य और पार्टनर बने। उनके नाटक लोकप्रिय होने लगे और वे एक सफल लेखक के रूप में पहचाने जाने लगे।

शेक्सपीयर ने अंग्रेजी भाषा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। शेक्सपीयर ने अपने लेखन में हजारों शब्दों का इस्तेमाल किया। माना जाता है कि उनकी रचनाओं में करीब 1700 ऐसे शब्द मिलते हैं, जिनका पहला लिखित उल्लेख वहीं मिलता है, हालांकि इनमें से कई शब्द पहले से बोलचाल में मौजूद थे। साथ ही शेक्सपीयर ने कई प्रसिद्ध मुहावरों को लोकप्रिय बनाया, जैसे ब्रेक द आईस, हार्ट ऑफ गोल्ड आदि।

थिएटर बंद होने के दौरान उन्होंने कविता लेखन की ओर रुख किया। 1593 में उनकी पहली प्रमुख कृति वीनस एंड अडोनिस प्रकाशित हुई, जो बेहद लोकप्रिय साबित हुई और इसके कई संस्करण छपे। उनकी रचनाओं के चलते उन्हें हनी टंग्ड शेक्सपीयर और स्वीटेस्ट स्वान ऑफ एवॉन जैसी उपाधियां मिलीं।

भाषा की सुंदरता और भावनाओं की गहराई आज भी दुनिया भर में प्रेम की मिसाल मानी जाती है।

टु बी ओर नॉट टु बी जैसी सोलिलोक्वी के जरिए उन्होंने चरित्र की मनोवैज्ञानिक गहराई को नाटक का केंद्र बनाया।

शेक्सपीयर ने यहां भाषा में कई नए शब्द गढ़े और लेडी मैक्बेथ जैसे जटिल चरित्र बनाए। यह मनोवैज्ञानिक ट्रेजेडी का उत्कृष्ट उदाहरण है।

सत्ता, कृतज्ञता और मानवीय कमजोरियों को काफई गहराई से दिखाया गया है।

कई विद्वान इसे उनका अंतिम नाटक मानते हैं। इसमें सत्ता और मानवता के विषयों का सुंदर मिश्रण है।

ईर्ष्या को सबसे शक्तिशाली और विनाशकारी भावना के रूप में चित्रित किया। नस्लवाद और विश्वासघात के मुद्दे भी गहराई से उठाए ।

शेक्सपीयर ने प्रेम और दुखांत को मिलाकर साहित्य में एक नया आयाम जोड़ा। उनका नाटक रोमियो जुलियट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें दुश्मन परिवारों के प्रेमियों की कहानी को गहराई और काव्यात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया। इस नाटक ने रोमांटिक ट्रेजेडी को एक नई पहचान दी और बाद के साहित्य व सिनेमा पर गहरा प्रभाव डाला। यह रचना आज भी प्रेम की शाश्वत शक्ति का प्रतीक मानी जाती है।

विलियम शेक्सपीयर – जन्म : 23 अप्रैल 1564, मृत्यु: 23 अप्रैल 1616

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