NUTRITION IN ANIMALS
NUTRITION IN ANIMALS We have just studied the nutrition in plants. We have learnt that plants are autotrophic organisms which can manufacture their own food. So, plants don’t have to look to others for...
NUTRITION IN ANIMALS We have just studied the nutrition in plants. We have learnt that plants are autotrophic organisms which can manufacture their own food. So, plants don’t have to look to others for...
भूमिगत जल प्रबंधन (Underground Water Management) विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दशकों बाद धरती पर पानी की जबर्दस्त किल्लत महसूस की जाएगी । जल बहुल क्षेत्र जल-विरल हो गए हैं और जल-विरल क्षेत्रों...
भारत में संकटापन्न प्रजातियाँ(Endangered-species-in-india) नॉदर्न रिवर टेरापिन (Northern River Terrapin): यह भारत की सर्वाधिक संकटापन्न कछुआ प्रजातियों में से एक है। इसका वैज्ञानिक नाम बतागुर बास्का (Batagur baska) है। विश्व की 50 सर्वाधिक संकटापन्न...
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की स्थापना 1965 में की गई थी। • United nation Development Programme-UNDP का मुख्यालय न्यूयार्क (USA) में स्थित है। UNDP संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा...
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) , भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India-WII) , वर्ल्ड वाइड फण्ड फॉर नेचर-इंडिया (World Wide Fund for Nature-India) , भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India-FSI) सलीम अली...
बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (Bombay Natural History Society-BNHS) , भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India-BSI) , भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India- ZSI) भारत में पर्यावरणीय संस्थाए (Environmental Institutes in India) पर्यावरण संरक्षण...
लोकटक झील के सरंक्षण हेतु कमेटी का गठन केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मणिपुर की सुप्रसिद्ध लोकटक झील (Loktak Lake) के संरक्षण के लिए एक चार सदस्ययी कमेटी का गठन किया...
IPCC रिपोर्ट (जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल) हाल ही में जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल द्वारा एक नई रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें भूमि और जलवायु परिवर्तन पर समग्रता से विश्लेषण प्रस्तुत किया...
मैंग्रोव वन मैंग्रोव वन मानव के लिये पर्यावरणीय एवं आर्थिक दोनों रूपों में उपयोगी हैं। पारंपरिक रूप से इनका इस्तेमाल स्थानीय निवासियों द्वारा लकड़ी, फर्नीचर. ईधन, औषधि एवं भोजन सहित विभिन्न कार्यों में किया...