दाहिने हाथ से पानी का पात्र पकड़ते हैं, तो शरीर का मोटर रिस्पांस अधिक सटीक होता है

दाहिने हाथ से पानी का पात्र पकड़ते हैं, तो शरीर का मोटर रिस्पांस अधिक सटीक होता है

बचपन में अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग टोक देते थे- ‘बाएं हाथ से पानी मत पियो ! या ‘बाएं हाथ से किसी को कुछ मत दो ! आधुनिक दौर में हम इसे ‘दाएं-बाएं’ का भेदभाव या दकियानूसी सोच मान लेते हैं। लेकिन अगर हम सूक्ष्म जीव विज्ञान और मानव शरीर क्रिया विज्ञान के नजरिए से देखें, तो यह नियम सैनिटाइजेशन गाइडलाइन जैसा है।

आज भी कई क्षेत्रों में, बाएं हाथ का उपयोग मुख्य रूप से शौच और व्यक्तिगत शरीर की सफाई के लिए किया जाता है। वहीं, दाहिने हाथ का उपयोग भोजन करने, पानी पीने और पवित्र कार्यों के लिए सुरक्षित रखा गया। उस समय आज की तरह पावरफुल हैंड सैनिटाइजर या एंटी-सेप्टिक साबुन हर जगह उपलब्ध नहीं थे। कीटाणुओं और परजीवियों को भोजन या पानी के जरिए शरीर के भीतर जाने से रोकने के लिए यह हाथों का बंटवारा प्रभावी तरीका था। इसे विज्ञान की भाषा में जोनल सेपरेशन कहते हैं, ताकि संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे।मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और एकाग्रता न्यूरोसाइंस के अनुसार, मानव मस्तिष्क के दो गोलार्ध होते हैं। अधिकांश लोगों का बायां मस्तिष्क अधिक सक्रिय होता है, जो शरीर के दाहिने हिस्से को नियंत्रित करता है। दाहिने हाथ का उपयोग करने से मस्तिष्क के लॉजिकल और एनालिटिकल हिस्से सक्रिय होते हैं। जब दाहिने हाथ से पानी पीते हैं, तो तंत्रिका तंत्र पाचन के लिए अधिक तैयार होता है।

सनातन विज्ञान में शरीर की ऊर्जा को इड़ा और पिंगला नाड़ियों से समझा गया है। दाहिना हिस्सा सूर्य नाड़ी से जुड़ा है, जो शरीर में ऊष्मा और पाचन शक्ति का प्रतीक है। जब दाहिने हाथ से पानी का पात्र पकड़ते हैं, तो शरीर का मोटर रिस्पांस अधिक सटीक होता है। इससे पानी पीते समय सांस की लय और निगलने की प्रक्रिया बेहतर समन्वय में रहती है। पानी सीधे सांस की नली में जाने का खतरा कम हो जाता है।

यह केवल व्यक्तिगत नियम नहीं था बल्कि एक सामाजिक नियम था । जब पूरा समाज एक ही हाथ (दाएं) का उपयोग लेन-देन या भोजन के लिए करता है, तो बीमारियों के फैलने की संभावना न्यूनतम हो जाती है। यह संक्रमण रोगो को रोकने का एक प्राचीन और सफल तरीका था।

हमारे नाखूनों और उंगलियों के पोरों में लाखों सूक्ष्म जीव होते हैं। हाथों का कार्य विभाजन संक्रमण रोकने की पहली रक्षा पंक्ति है। विज्ञान मानता है कि खड़े होकर या गलत हाथ से हड़बड़ी में पानी पीने से वेगस नर्व (शरीर की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण कपाल तंत्रिका) पर दबाव पड़ता है। दाहिने हाथ से आराम से बैठकर पीना पाचन के लिए सर्वोत्तम है। बाएं हाथ से पानी न पीने का नियम किसी का अपमान करने के लिए नहीं, बल्कि हमें और हमारे समाज को स्वस्थ रखने के लिए बनाया गया था।
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