मध्यप्रदेश : स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह बदलेगी
MP Teacher (TET) Selection New Rules
मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह बदलने वाली है। राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि अब उम्मीदवारों को दो अलग-अलग परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। सिर्फ पात्रता परीक्षा में पास होने के बाद ही शिक्षक पद पर नियुक्ति मिल सकेगी। यह बदलाव उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक तीनों स्तर पर लागू होगा। फिलहाल यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी ईएसबी को भेजा जा रहा है और मंजूरी मिलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों में जो असमंजस बना हुआ था, यह कदम उसे काफी हद तक दूर करेगा।

पहले दो परीक्षाएं देनी पड़ती थीं
पहले की व्यवस्था में उम्मीदवारों को दो चरणों से गुजरना पड़ता था। पहले पात्रता परीक्षा देनी होती थी और उसमें पास होने के बाद चयन परीक्षा के लिए आवेदन करने का मौका मिलता था। फिर चयन परीक्षा में सफल होने के बाद ही शिक्षक पद पर नियुक्ति संभव थी। यानी एक उम्मीदवार को दो बार आवेदन करना पड़ता था, दो अलग परीक्षाओं की तैयारी करनी होती थी और पूरी प्रक्रिया में काफी लंबा वक्त लग जाता था। इतना ही नहीं, दोनों परीक्षाओं के बीच कई बार महीनों का फासला होता था जिसकी वजह से उम्मीदवार लंबे समय तक अनिश्चितता में रहते थे। यह व्यवस्था उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक तीनों स्तर पर लागू थी।
नई व्यवस्था में क्या होगा अलग
नए प्रस्ताव के मुताबिक अब सिर्फ पात्रता परीक्षा के अंकों के आधार पर ही शिक्षकों का चयन किया जाएगा। चयन परीक्षा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इससे उम्मीदवारों को सिर्फ एक परीक्षा की तैयारी करनी होगी और एक बार ही आवेदन देना होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया न सिर्फ आसान बनेगी बल्कि काफी तेज भी होगी। जो उम्मीदवार पात्रता परीक्षा में अच्छे अंक लाएंगे, उन्हें सीधे नियुक्ति का मौका मिलेगा। वहीं इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि योग्य उम्मीदवार बिना किसी अतिरिक्त परीक्षा के बोझ के सीधे शिक्षक पद तक पहुंच सकें।
TET पास लाखों उम्मीदवारों को मिलेगी राहत
यह बदलाव उन लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे हैं। दो-दो परीक्षाओं की तैयारी में जहां समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, वहीं अब एक ही परीक्षा से काम चल जाएगा। कई उम्मीदवार ऐसे भी थे जो पात्रता परीक्षा तो पास कर लेते थे लेकिन चयन परीक्षा की तैयारी के दौरान आर्थिक और मानसिक दबाव झेलते थे। इसके अलावा दोनों परीक्षाओं के बीच के इंतजार की वजह से नियुक्ति प्रक्रिया में जो देरी होती थी, वो भी काफी हद तक कम होगी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षक पदों को भरने में भी इससे मदद मिलेगी।
■■■■














+91-94068 22273 
