MPESB : बार-बार अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाएं देने से मुक्ती

– बार-बार अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाएं देने से मुक्ती

प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। राज्य सरकार ने नए भर्ती नियमों का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके तहत अब मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) को छोड़कर लगभग सभी सरकारी पदों पर भर्ती केवल कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के जरिए होगी। कोई भी विभाग अपनी तरफ से अलग भर्ती प्रक्रिया नहीं चला सकेगा। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने इन नियम पर 5 जून 2026 तक आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब भर्ती सीधे परीक्षा के बजाय ‘पात्रता परीक्षा’ और स्कोर कार्ड सिस्टम के आधार पर होगी। कर्मचारी चयन मंडल हर साल तीन तरह की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा। सामान्य, तकनीकी और शिक्षक पात्रता परीक्षा। पात्रता परीक्षा में सरकार के तय न्यूनतम अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड मिलेगा। यही स्कोर कार्ड बाद में सरकारी नौकरियों में आवेदन के काम आएगा। न्यूनतम अंक से कम स्कोर होने पर स्कोर कार्ड जारी नहीं होगा।

नकल पर नकेल, परीक्षा में ड्यूटी स्टाफ को धमकाना भी अपराध

नियमों में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई उम्मीदवार अपनी जगह किसी और को परीक्षा में बैठाता है या खुद किसी और की जगह परीक्षा देता है तो उसकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी। फर्जी मार्कशीट या नकली दस्तावेज देने पर भी अभ्यर्थी अयोग्य घोषित होगा। केंद्र पर सुपरवाइजर या ड्यूटी स्टाफ से बदसलूकी या धमकी देना भी गंभीर अपराध माना जाएगा।

स्कोर कार्ड ढाई साल ही मान्य रहेगा, अभ्यर्थियों को लाभ- एक स्कोर कई भर्तियों में उपयोग कर सकेंगे

ईएसबी हर साल 3 तरह की परीक्षाएं कराएगा।
संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षा : तकनीकी नौकरियों जैसे इंजीनियरिंग, कृषि, कानून, पैरामेडिकल आदि के लिए होगी।
संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षा : सामान्य ग्रेजुएट स्तर की गैर-तकनीकी नौकरियों के लिए होगी।
शिक्षक पात्रता परीक्षा : स्कूल शिक्षकों के लिए।

– दोनों परीक्षाओं में 100-100 प्रश्न होंगे।
• सामान्य पात्रता परीक्षा में पेपर 4 बराबर हिस्सों में बंटा रहेगा। हर हिस्से से 25-25 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मप्र सामान्य ज्ञान व योजनाएं, गणित-तार्किक योग्यता-डेटा विश्लेषण-कंप्यूटर ज्ञान।
• तकनीकी पात्रता परीक्षा में 25 प्रश्न सामान्य विषयों से व 75 प्रश्न संबंधित विषय से आएंगे।

– परीक्षा में सरकार के तय न्यूनतम अंक लाने वाले उम्मीदवारों को ही स्कोर कार्ड मिलेगा। रिजल्ट ‘पर्सेंटाइल स्कोर’ के रूप में जारी होगा। बाद में जब विभाग भर्ती निकालेंगे, तब उम्मीदवार इसी स्कोर कार्ड से आवेदन करेंगे। कोई उम्मीदवार स्कोर बेहतर करना चाहता है, तो वह अगले साल फिर परीक्षा दे सकता है।

– सामान्य व तकनीकी परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट वाले साल के बाद दो वर्षों की 31 दिसंबर तक मान्य रहेगा, यानी करीब ढाई साल तक। शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाला उम्मीदवार जीवनभर पात्र माना जाएगा, पर नौकरी में आवेदन के लिए स्कोर कार्ड ढाई साल मान्य।

– बार-बार अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। एक अच्छे स्कोर आने पर कई भर्तियों में उसी स्कोर का उपयोग कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से आवेदन व चयन प्रक्रिया भी आसान और पारदर्शी होने का दावा है।

– ऑनलाइन ‘नियुक्ति पोर्टल’ बनेगा, जहां नौकरी की जानकारी, आवेदन, मेरिट लिस्ट व नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया होगी।

अब पीएससी अलग-अलग पदों के बजाय 5 बड़े शैक्षणिक और तकनीकी समूह बनाकर संयुक्त भर्ती कराएगा। इनमें राज्य सेवा-वन सेवा, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और सामान्य ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट समूह शामिल होंगे।

सभी विभागों को हर साल 30 सितंबर तक खाली पदों की जानकारी देनी होगी। उम्र की गणना भर्ती वर्ष के अगले साल 1 जनवरी से होगी।

अगर किसी पद पर सीटों के मुकाबले तीन गुना से कम आवेदन आते हैं, तो पीएससी बिना लिखित परीक्षा सीधे योग्यता एवं अनुभव के आधार पर इंटरव्यू ले सकेगा।

आरक्षण नियम में भी बदलाव हुआ है। उम्र, अंक या योग्यता में छूट लेने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सिर्फ आरक्षित सूची में ही गिना जाएगा, जनरल मेरिट में नहीं।
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