MPPSC(pre) 26 Apr 2026 : इंदौर में 55 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए, कुल 97 हजार उपस्थिती दर्ज
एमपी पीएससी इंदौर में 55 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए
पिछले वर्षों की तुलना में MPPSC Pre 2026 Cut Off निश्चित ही कम रहेगा । पहली बार नकारात्मक मूल्यांकन होगा ।
राज्य एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा; 22% बढ़ी उपस्थिति, हाईटेक सिक्योरिटी रही।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा अब पहले जैसी नहीं रही, प्रश्न पूछने के तरीकों इस बार भारी बदलाव रहा । प्रश्नों की प्रकृति (Nature) , विश्लेषणात्मक (Analytical), तिथियां और घटनाएं , तथ्यात्मक एवं मिश्रण , स्थान और आंकड़े , Map , Economics , सर्वेक्षण और रिपोर्ट्स,
Science , Current Affairs ‘स्थैतिक और नवीन का मिश्रण का स्वरुप देखा गया । 50-60 प्रश्न सरल प्राकृति के थे ,15 प्रश्न मोडरेट देखे गए ,25 प्रश्न कठिन श्रेणी में रखे जा सकते हैं, 2 प्रश्नों में संदेह देखा जा रहा है ।
MPPSC Pre 2026: Cut Off (Expected Score)
General – 60-62 (questions)
OBC – 59-60
EWS – 58-59
SC – 56-57
ST – 55-56
(विभिन्न कारणों अनुमानित cut off थोड़ा परिवर्तित हो सकता है ।)
मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की राज्य एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को दो शिफ्ट में हुई। इंदौर सहित प्रदेशभर के 54 जिलों में परीक्षा 1 लाख 35 हजार अभ्यर्थियों को शामिल होना था,लेकिन कुल उपस्थिति 72 फीसदी रहीं अर्थात 97 हजार कैन्डिडेटस की उपस्थिती का अनुमान है । पिछली 25 परीक्षाओं में औसत 50 प्रतिशत उपस्थिति रही, जबकी इसमें 22 फीसदी ज्यादा रही।

राज्य सेवा के 155 व वन सेवा के 30 पदों के लिए हुई परीक्षा में इंदौर जिले में अनुपस्थिति का आंकड़ा ज्यादा रहा। यहाँ 18 हजार अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन 55 प्रतिशत अनुपस्थित रहे।
हाईटेक रूम से की मॉनिटरिंग
पहली बार सभी 355 केंद्रों की मॉनिटरिंग पीएससी ने मुख्यालय पर बने हाईटेक कंट्रोल रूम से की। सभी सैंटरों को एआई सीसीटीवी कैमरों के जरिये कट्रोल रूम से जोड़ा था। 15 एक्सपर्ट की टीम ने 8 घंटे उपस्थित रहकर नकल पर ऑनलाइन नजर रखी। इसी का असर हुआ कि नकल का कोई मामला सामने नहीं आया।
थी लेयर सिक्योरिटी सिस्टम अपनाया, महिला अभ्यर्थियों की कैबिन में हुई चेकिंग
पीएससी की किसी परीक्षा में पहली बार थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू हुआ। पीएससी के ओएसडी डॉ. रवींद्र पंचभाई का कहना है यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा। पहली बार महिला अभ्यर्थियों की अलग से कैबिन में चेकिंग हई। महिला अभ्यर्थियों के लिए महिला स्टाफ तैनात रहा। एचएचएमडी यानी हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर चेकिंग की गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर इस बार पुख्ता व्यवस्था थी। पहली बार सेंटरों पर बड़े बोर्ड लगाए गए थे, जिन पर लिखा था कि परीक्षा के दौरान क्या-क्या चीजें प्रतिबिंधित हैं। हर सेंटर पर बने काउंटर पर मोबाइल व अन्य वस्तुएं जमा कर टोकन दिए गए। ई-प्रवेश पत्र की स्कैनिंग मशीन से की गई। आइरिस बायोमैट्रिक अथेटिकेशन-फेस रिकग्निशन की प्रक्रिया के बाद ही एंट्री दी गई।
औसत 80 फासदी तक प्रश्न हल किए, कठिन छोड़ दिए परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी थी इसलिए ज्यादातर अभ्यर्थियों ने 70 से 65 फीसदी प्रश्न ही हल किए। नेगेटिव मार्किंग होने से अभ्यर्थियों ने कठिन या बिलकुल समझ न आने वाले प्रश्नोंको हल नहीं किया।
आगे क्या : 45 दिन में रिजल्ट, सितंबर में मेंस
पीएससी 30 से 45 दिनों में यानी 5 जून से पहले रिजल्ट जारी कर देगा। उसके बाद अभ्यर्थियों को न्यूनतम 90 दिन का समय मेंस की तैयारी के लिए मिलेगा। सितंबर में यह मेंस होगी। संभावना है दिसंबर में ही पीएससी इंटरव्यू करवा सकता है।185 अंकों का इंटरव्यू होगा।
प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने से पहले पद की संभावना है।बाद ऐसा नहीं हो पाएगा। अभ्यर्थियोंकी मांग 400 पद दिए जाने की है।
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