1955 में यूरी सारातोव फ्लाइंग क्लब में विमान उड़ाने की बुनियादी शिक्षा ली। 1957 में उन्होंने ओरेनबर्ग स्थित सैन्य विमानन स्कूल से मिलिट्री पायलट और फ्लाइट इंस्ट्रक्टर की उपाधि प्राप्त की, जहां उन्होंने मिग-15 लड़ाकू विमानों की उड़ान में महारत हासिल की।
यूरी गागरिन सोवियत संघ के पायलट और कॉस्मोनॉट थे। उन्होंने 12 अप्रैल 1961 को वोस्तोक 1 अंतरिक्ष यान पर सवार होकर पृथ्वी की कक्षा में एक चक्कर लगाया था। वे अंतरिक्ष में जाने वाले पहले इंसान थे। मात्र 108 मिनट की उस उड़ान ने साबित कर दिया कि इंसान पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर भी जीवित रह सकता है।
योगदान
गागरिन ने 27,400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की कक्षा का एक पूरा चक्कर लगाया, जिससे यह साबित हो गया कि मनुष्य अंतरिक्ष के शून्य गुरुत्वाकर्षण और अत्यधिक दबाव वाले वातावरण में न केवल जीवित रह सकता है, बल्कि काम भी कर सकता है। गागरिन ने पहली बार अंतरिक्ष से पृथ्वी की गोलाई और उसकी सुंदरता का आंखों देखा विवरण दिया, जिससे भूगोल और खगोल विज्ञान को नए आयाम मिले।
पहले अंतरिक्ष यात्री गागरिन, जिन्होंने स्पेस से
कहा था ‘पृथ्वी नीली है… सुंदर है… यह अद्भुत है ‘…… नाजियों का जुल्म सहा, युद्ध के चलते बंकर में रहना पड़ा में यूरी गागरिन का जन्म रूस के क्लुशिनो गांव में हुआ था। 1941 द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी सेना ने उनके गांव पर कब्जा कर लिया। युद्ध के दौरान उनके परिवार को उनके घर से बेदखल कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने लगभग दो वर्षों तक एक मिट्टी के बंकर में समय बिताया। युद्ध समाप्त होने के बाद उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा दोबारा शुरू की। स्कूल के बाद.यूरी ने फ्लाइंग क्लब जॉइन किया। 1957 में मिलिट्री पायलट बनने के बाद वे सोवियत एयर फोर्स में शामिल हुए।
मिशन के लिए 3 हजार उम्मीदवारों में से चुने गए थे.
1960 में सोवियत संघ ने ‘वोस्तोक’ अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए देश भर से लगभग 3000 लड़ाकू पायलटों का प्रारंभिक डेटा जांचा। इनमें चिकित्सा और तकनीकी परीक्षणों के बाद गागरिन समेत 20 पायलटों का चयन हुआ, जिन्हें सोवियत एयर फोर्स ग्रुप वन कहा गया। हालांकि मिशन के लिए बनाए गए अंतरिक्षयान का कैप्सूल काफी छोटा था। 20 पायलटो में गागरिन की हाइट सबसे कम थी, जो कैप्सूल में आसानी से आ सकते थे। इसके बाद 8 अप्रैल 1961 उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और मानसिक स्थिरता के आधार पर उन्हें मिशन के लिए मंजूरी मिल गई।
जब यूरी ने पहली बार अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखा
2 अप्रैल 1961 को, जब वोस्तोक -1 ने पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया, तब यूरी गागरिन दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने अपनी आंखों से पृथ्वी की गोलाई.और उसके रंगों को वायुमंडल के बाहर से निहारा। उस समय उनके पास एक छोटी सी खिड़की थी, जिसे ‘वजोर’ कहा जाता था। जैसे ही उन्होंने खिड़की से बाहर देखा, उनके शब्द रेडियो पर रिकॉर्ड हुए उन्होंने कहा- ‘पृथ्वी नीली है… कितनी सुंदर है.. यह अद्भुत है।’
हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन कहलाए
अंतरिक्ष मिशन के बाद गागरिन को हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन की उपाधि दी गई। 1963 में उन्हें स्टार सिटी स्थित कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर का डिप्टी ट्रेनिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों.के प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए। उन्होंने विमानन इंजीनियरिंग में अपनी उच्च शिक्षा जारी रखी। 27 मार्च 1968 को एक नियमित प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान उनका मिग- 15 यूटीआई लड़ाकू विमान किर्झाक शहर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आधिकारिक.जांच रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम या किसी अन्य विमान के वेक टर्बुलेंस के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है।
1957 – में यूरी को सोवियत वायुसेना के फाइटर पायलट बने।
1961 – में यूरी को हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन सम्मान दिया गया।
1961 – में यूरी को ऑर्डर ऑफ लेनिन पुरस्कार से.सम्मानित किया गया।
1963 – में यूरी कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र के उप- निदेशक बने थे।