नई प्रवेश नीति : 8वीं तो पास कर ली, 13 साल का नहीं होने पर विद्यार्थियों को 9वीं में नहीं मिल रहा एडमिशन
माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की नई प्रवेश नीति ने एक बार फिर उम्र को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर 8वीं पास कर 9वीं में एडमिशन लेने वाले छात्रों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। नए नियम के अनुसार 9वीं क्लास में एडमिशन के समय छात्र की न्यूनतम आयु 13 वर्ष होना जरूरी है। कई छात्र ऐसे हैं, जो 8वीं पास कर चुके हैं, लेकिन उनकी उम्र 13 साल से कम है। ऐसे में स्कूलों में उनके नामांकन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। कई स्कूल प्रबंधन भी स्पष्ट निर्देशों के अभाव में निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।पिछले सत्र में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था। तब स्कूलों ने छात्रों को प्रोविजनल एडमिशन दिया था और बाद में मंडल ने नियमों में आंशिक बदलाव कर राहत दी थी, जिससे छात्र अगली कक्षा में बैठ सके, लेकिन इस बार फिर वही स्थिति बनती नजर आ रही है। सभी स्कूलों के निर्देशित किया गया है कि बच्चों को एडमिशन नई प्रवेश नीति के तहत ही दिया जाएगा।
एडमिशन के दौरान विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जरूरी है। यदि कोई स्कूल प्रबंधन नियम के विरुद्ध विद्यार्थियों को एडमिशन देता है.तो स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में स्कूलों में एडमिशन लेने पहुंच रहे विद्यार्थियों और पेरेंट्स को स्कूल प्रबंधन वापस लौटा रहा है।
आयु सीमा में छूट
शासन ने कई बार 13 वर्ष कुछ महीने कम (दो-पांच महीने) होने पर आयु सीमा छूट दी है। यदि आपके बच्चे की उम्र कुछ ही महीने कम है तो आप जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
बच्चों- परिजन को यही चिंता : एडमिशन नहीं मिला तो एक साल खराब होगा सैकड़ों विद्यार्थी एडमिशन के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। विद्यार्थी अनिल माझी ने बताया, मेरा जन्म 30 अप्रैल 2013 का है। उन्होंने 8वीं क्लास पास कर ली, लेकिन 1 अप्रैल तक वह 13 साल के पूरे नहीं हुए, जिसके कारण मुझे किसी स्कूल में एडमिशन नहीं मिल रहा है। इसी तरह संगीता ने बताया कि मेरा जन्म भी 29 अप्रैल 2013 को हुआ था। नई प्रवेश नीति के तहत 13 साल पूरे नहीं होने पर एडिशन नहीं हो पा रहा है।
यदि एडमिशन नहीं हुआ तो साल खराब हो जाएगा
उच्च न्यायालय का रुख : हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक मामले में टिप्पणी की थी कि केवल आयु सीमा के आधार पर शिक्षा के मौलिक अधिकार को नहीं रोका जा सकता। यदि बच्चा असाधारण रूप से मेधावी है, तो कानूनी आधार पर भी राहत मिल सकती।
9वीं तक पहुंचते-पहुंचते अधिकतम 14 वर्ष का होना चाहिए बच्चे को एडमिशन के नियम के अनुसार
नर्सरी में 3 वर्ष, केजी- 1 में 4 वर्ष, केजी-2 में 5 वर्ष कक्षा 1 में 6 वर्ष ,आयु अनिवार्य है।
कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय की गई है। इस आधार पर छात्र को 9वीं तक पहुंचते-पहुंचते अधिकतम 14 वर्ष का होना चाहिए, लेकिन कई मामलों में छात्रों की उम्र इससे अधिक या कम हो रही है, जिससे तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि इस बार छात्रों को राहत मिलती है या फिर नियमों की सख्ती के बीच कई बच्चों का भविष्य अधर में लटकता है।
____ दिल्ली में बदलाव : सत्र 2026-27 से सभी स्कूलों में लागू होंगे नए नियम ,पहली कक्षा में एडमिशन अब 6 साल की उम्र में
दिल्ली सरकार ने स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिले की न्यूनतम उम्र 6 वर्ष तय करने का फैसला किया है। यह नियम सत्र 2026-27 से दिल्ली के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में लागू होगा। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत किए जा रहे शैक्षणिक ढांचे में सुधार का हिस्सा है। शिक्षा निदेशालय के सर्कुलर के अनुसार, अब फाउंडेशनल स्टेज (यानी नर्सरी से पहली तक) की उम्र तय की गई है। स्कूल प्रमुख चाहें तो प्रवेश में उम्र की सीमा में एक महीने की छूट दे सकते हैं। नया नियम सत्र 2026-27 से प्रभावी होगा। लोअर केजी और अपर केजी कक्षाएं 2027-28 से शुरू होंगी। 2025-26 के छात्र (नर्सरी, केजी और क्लास 1 के) मौजूदा संरचना के अनुसार अगली कक्षा में प्रोमोट किए जाएंगे।
पुराने छात्रों को मिलेगी छूटः जिन छात्रों के पास मान्यता प्राप्त स्कूल का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट व मार्कशीट होगी, उन्हें उम्र सीमा के नए नियमों से छूट मिलेगी। वे सीधे अगली कक्षा में प्रवेश पा सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे माता-पिता को नए नियमों की जानकारी दें। प्रवेश और छात्र प्रगति में नई उम्र सीमा का सख्ती से पालन करें। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एनईपी 2020 के अनुसार 3 साल का फाउंडेशनल स्टेज (बालवाटिका) और 6 वर्ष की उम्र में क्लास 1 की शुरुआत बच्चों की सीखने की क्षमता के अनुरूप है। इससे बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से पहले मजबूत प्रारंभिक आधार मिलेगा। ■■■■