तीनों सेनाओं में करियर बनाने के ये हैं विकल्प

आज देश का हर युवा सेना की वर्दी पहनना चाहता है। चाहे वो थल सेना हो, वायु सेना या नौसेना। सरकार अग्निपथ योजना के तहत हर साल 45 से 50 हजार अग्निवीरों की भर्ती करती है। योजना है कि संख्या पांचवें साल तक 90 हजार और छठे साल से 1.25 लाख प्रति वर्ष तक लाई जाएगी।

सेना में अफसर बनने के लिए प्रवेश परीक्षा होती है। इसके बाद 5 दिन तक एसएसबी इंटरव्यू और फिर मेडिकल जांच की जाती है। कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग के लिए नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे; इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून; ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई; इंडियन नेवल एकेडमी, एझीमाला और एयर फोर्स एकेडमी, हैदराबाद जैसी एकेडमी में भेजा जाता है। देश सेवा करने के लिए यह सेना में करियर बनाने के प्रमुख रास्ते…

थल सेना : एनडीए के लिए लड़कियां भी पात्र

1. कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज

परीक्षा साल में दो बार UPSC कराता है। इससे मिलिट्री एकेडमी (परमानेंट), ऑफिसर्स ट्रेनिंग (शॉर्ट सर्विस), नेवल, एयरफोर्स एकेडमी में चयन होता है।

2. शॉर्ट सर्विस कमीशन

इससे इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग पदों पर अधिकारी बनते हैं। ट्रेनिंग ओटीए में होती है। सेवा 10 साल की होती है, जिसे बढ़ाया जा सकता है।

3. टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स

पुरुष इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को इंडियन मिलिट्री एकेडमी में सीधा प्रवेश मिलता है। चयन सीधे SSB इंटरव्यू से होता है।

4. एनसीसी स्पेशल एंट्री

नेशनल कैडेट कॉर्प स्पेशल एंट्री NCC-सी सर्टिफिकेट धारकों के लिए होती है। सीधे एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

5. जज एडवोकेट जनरल

LLB में कम से कम 55% अंक और बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इससे सेना के लीगल ब्रांच में अधिकारी बनते हैं।

परीक्षा साल में दो बार होती है। 10+2 (पीसीएम) पास अविवाहित लड़के-लड़कियां पात्र हैं। चयनित को एनडीए में संयुक्त ट्रेनिंग मिलती है। फिर वे सेना, वायु या नौसेना की अकादमी में विशेष ट्रेनिंग करते हैं।

पीसीएम में 60-70% अंक, जेईई मेन क्वालिफाई वाले पात्र हैं। सीधे SSB इंटरव्यू होगा। चयनित ओटीए में बेसिक ट्रेनिंग, फिर तकनीकी संस्थानों (CME, MCTE, MCEME) में इंजीनियरिंग ट्रेनिंग करेंगे।

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