CAREER : फायर ब्रिगेड की जॉब साहस और चुनौतीपूर्ण

फायर ब्रिगेड एक ऐसा संगठन है जो आग बुझाने का काम करता है। यह विशेष रूप से उन लोगों को संदर्भित करने के लिए उपयोग किया जाता है जो वास्तव में आग से लड़ते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो फायर ब्रिगेड आग बुझाने और लोगों को आग से बचाने के लिए प्रशिक्षित और नियोजित लोगों का एक संगठन है। अग्निशामक न केवल जलती हुई इमारतों को बचाते हैं, बल्कि वे अक्सर विस्फोटों, प्राकृतिक आपदाओं, जंगल की आग, यातायात दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं के दृश्य पर भी पहली प्रतिक्रिया देते हैं। फायरमैन की जिम्मेदारी होती है कि वह सहकर्मियों को समय-समय पर आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण दे और मॉक-ड्रिल का आयोजन करे। फायरमैन बनने के लिए आवश्यक स्किल्स में से जरूरी है कि आपको फुर्ती के साथ द्रुत गति से काम निपटाने और अत्यधिक काम के दबाव में धैर्य के साथ काम करने में निपुण होना चाहिए। अग्निशामक को काम पर गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ता है जैसे गर्मी की थकावट, जलन, शारीरिक और मानसिक तनाव। इसके अतिरिक्त, वे अक्सर उच्च स्तर के कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीले गैसों के संपर्क में आते हैं। आगजनी पर काबू पाने के लिए फायरमैन हड़बड़ी में बिना सुरक्षा के आग बुझाने निकल पड़ते हैं। भारी आग की लपटों के करीब खड़े होकर जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करते हैं, जिससे अधिकांश समय झुलसने का खतरा बना रहता है। इन खतरनाक जोखिमों के कारण कई बीमारियों के होने की संभावना बनी रहती है।

भारत के विभिन्न राज्यों में सरकारी विभागों में फायरमैन के पद पर नियुक्ति के लिए शैक्षिक योग्यताएं निर्धारित हो सकती हैं। परन्तु अधिकांश राज्यों में 10वीं या 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण छात्र फायरमैन बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ राज्यों में 10वीं या 12वीं कक्षा के अलावा फायर सेफ्टी या फायर मैनेजमेंट या फायरमैन के क्षेत्र में सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स भी अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता का हिस्सा होता है। उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

फायरमैन बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही, उम्मीदवार को सभी प्रकार के फायर एक्टीविशर्स, होज फिटिंग और फायर उपकरणों, फायर इंजन, ट्रेलर, पम्प, फोम ब्रांचस को चलाने में सक्षम होना चाहिए। फायरमैन को फर्स्ट-ऐड फायर फाइटिंग एप्लाइंसेस और ट्रेलर पम्प के इस्तेमाल और रख-रखाव में दक्ष होना चाहिए।

पहले केवल मेट्रो शहरों में ही फायर स्टेशन होते थे, लेकिन आज हर जिले और कस्बे में फायर स्टेशन बन रहे हैं। इसके अलावा हर सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में एक फायर इंजीनियर की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा इस फील्ड के प्रोफेशनल की जरूरत गैस फैक्ट्री, निर्माण उद्योग, प्लास्टिक, एलपीजी, केमिकल प्लांट, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, टेक्सटाइल, कॉटन इंडस्ट्रीज, डिफेंस सर्विस (रक्षा मंत्रालय), नगर निगम, थर्मल पावर स्टेशन, एयरपोर्ट, कॉरपोरेशन, स्टील प्लांट, पेट्रोकेमिकल्स आदि जगहों में नौकरी के कई अवसर मौजूद हैं।

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• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर, पश्चिम बंगाल,
• राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय, पालम रोड, नागपुर, महाराष्ट्र
• दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, महाराष्ट्र, मुंबई
• इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट नई दिल्ली
• जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी
• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग, मध्य प्रदेश
• इग्नू, दिल्ली

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