CBSE 10वीं : तीन से अधिक पेपर में अनुपस्थित रहने वाले स्टूडेंट्स नहीं दे पाएंगे दूसरी परीक्षा

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की कक्षा 10वीं की परीक्षा का पहला अटैम्प्ट पूरा हो चुका है। इसका परिणाम अप्रैल-मई तक जारी हो जाएगा। पहले अटैम्प्ट के बाद छात्रों के पास इंप्रूवमेंट का दूसरा मौका भी रहेगा। सीबीएसई पहले ही दो परीक्षाओं का निर्णय ले चुका था। यह दो अटैम्प्ट वाली पहली परीक्षा है। दूसरा अटैम्प्ट मई-जून में प्रस्तावित है, जिसका शेड्यूल आना अभी बाकी है। छात्रों के दो अटेम्प्ट में से बेहतर अंकों को को अलग से एग्जाम फीस देनी होगी।

जिन छात्रों के 70% से कम अंक आए हैं, उन्हें स्कोरिंग विषय में दूसरा अटैम्प्ट देनाचाहिए । जो छात्र अंकों में सुधार चाहते हैं, उन्हें भी यह परीक्षा देनी चाहिए।

• पहले अटैम्प्ट की तुलना में दूसरे अटैम्प्ट में कम छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। 10वीं में नामांकित 20 से 30% छात्र ही दूसरा अटैम्प्ट देंगे। हालांकि पेपर का स्तर पहले जैसा ही रहेगा।

छात्रों को प्रति पेपर 320 रुपए , अधिकतम तीन पेपर के लिए 960 रुपए फीस दूसरे अटैम्प्ट से जुड़े अहम देनी होगी। फीस ऑनलाइन मोड में ही जमा करवानी होगी।

– ऐसी स्थिति में छात्र का पिछला ‘पास’ स्टेटस ही बना रहेगा (यदि वह पहले पास था)। यदि छात्र मुख्य परीक्षा में फेल था और सुधार परीक्षा में भी फेल हो जाता है, तो उसे अगले साल फिर से परीक्षा देनी होगी।

बोर्ड के नियमों के अनुसार, दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में आपके अंक अधिक होंगे, वही मार्कशीट में मान्य होंगे। यानी ‘बेस्ट ऑफ टू’ स्कोर मान्य होगा।

• बोर्ड के नियमों के अनुसार छात्र आमतौर पर एक या दो मुख्य विषयों में ही इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं। सभी विषयों के लिए दोबारा परीक्षा देने के नियम अलग होते हैं।

• मुख्य परिणाम आने के बाद छात्रों को लगभग 30 से 45 दिनों का समय मिलता है। यह समय एक या दो विषयों पर फोकस करने के लिए पर्याप्त होता है।
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