12वीं पास उम्मीदवारों के सेनाओं में अधिकारी रैंक की भर्ती के लिए सबसे पहला नाम आता है संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर वर्ष दो बार आयोजित की जाने वाली
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए)।
परीक्षा का जिसमें सफल होने के बाद सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) राउंड से गुजरना होता और चयनित होने के बाद निर्धारित वर्षों की आईएमए व संबंधित एकेडमी में ट्रेनिंग होती है। इस प्रकार, एनडीए परीक्षा आर्मी, नेवी और एयर फोर्स तीनों की सेनाओं में 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए अधिकारी के तौर पर डायरेक्ट एंट्री पाने का सबसे अच्छा ऑप्शन है। हालांकि, इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को विशेष स्ट्रेटजी की आवश्यकता होती है। ऐसे में उम्मीदवार परीक्षा विशेषज्ञों द्वारा सुझाई टिप्स को अपनाकर सफलता पाने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।
भारतीय सशस्त्र सेनाओं (भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना) में भर्ती को लेकर युवाओं में खासा उत्साह होता है। रक्षा सेनाओं में नौकरी को न सिर्फ एक अच्छा करियर माना जाता है बल्कि इसमें सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिलती है और देश सेवा मौका मिलता है। इन सेनाओं में अलग-अलग स्तरों, ट्रेड और रैंक के अनुसार होती है। बात करें अगर 12वीं पास उम्मीदवारों के सेनाओं में अधिकारी रैंक की भर्ती की तो सबसे पहला नाम आता है संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर वर्ष दो बार आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) परीक्षा का, जिसमें सफल होने के बाद सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) राउंड से गुजरना होता है। एनडीए लिखित परीक्षा और एसएसबी राउंड में चयनित होने के बाद निर्धारित वर्षों की आईएमए व संबंधित एकेडमी में ट्रेनिंग होती है। प्रशिक्षण के बाद आर्मी में लेफ्टिनेंट, नेवी में सब-लेफ्टिनेंट और एयर फोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर स्थायी कमीशन (नियुक्ति) दिया जाता है। निर्धारित 2 वर्षों की सेवा अवधि पूरी होने के बाद आर्मी में कैप्टन, नेवी में लेफ्टिनेंट और एयर फोर्स में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रैंक पर प्रमोट किया जाता है।
दसवीं के बाद से ही शुरू कर दें तैयारी
डिफेंस सर्विसेज की तैयारी दसवीं के बाद से ही शुरू करना आदर्श माना जाता है। क्योंकि बारहवीं के बाद से ही स्टूडेंट्स इन एग्जाम्स के योग्य हो जाते हैं। ऐसे में दसवीं से बारहवीं के बीच के इन दो वर्षों में तैयारी का पर्याप्त समय मिल जाता है। अधिकांश डिफेंस एग्जाम्स में सब्जेक्ट की कोई बाध्यता नहीं होती है, इसलिए किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट इनकी तैयारी कर सकते हैं।
यह है सिलेक्शन प्रोसेस
भारत में एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) चयन प्रक्रिया एक कठिन कॉम्पिटिशन है। इसमें एसएसबी द्वारा एक लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल है। यह देखने के लिए कि क्या वे सशस्त्र बलों में प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त हैं, उम्मीदवारों की शारीरिक फिटनेस, बुद्धिमत्ता और व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है। इसके अलावा एक संपूर्ण चिकित्सा परीक्षण भी होता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार सशस्त्र बलों में ट्रेनिंग के लिए जरूरी स्वास्थ्य मानकों को पूरा करते हैं।
यह है सिलेबस
एनडीए की लिखित परीक्षा में दो पेपर होते हैं- गणित (300 अंक) और सामान्य योग्यता परीक्षण (600 अंक) तो आइए जानते हैं दोनों के सिलेबस के बारे में- गणित- बीजगणित, आव्यूह और निर्धारक, त्रिकोणमिति, दो और तीन आयामों में विश्लेषणात्मक ज्यामिति, अंतर कलन, इंटीग्रल कैलकुलस और डिफरेंशियल इक्वेशन, वेक्टर बीजगणित, सांख्यिकी और संभाव्यता।
सामान्य योग्यता परीक्षण- अंग्रेजी: अंग्रेजी पर एक विस्तारित पाठ में ग्रामर और उपयोग, शब्दावली, समझ और सामंजस्य सहित विषयों को शामिल किया गया है। सामान्य ज्ञान: सामान्य ज्ञान परीक्षण एक उम्मीदवार की सामान्य जागरूकता और उसके पर्यावरण के साथ परिचितता को मापता है। इसमें इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति और करंट अफेयर्स सहित विषय शामिल है।
एनडीए परीक्षा के होते हैं दो चरण
पहला लिखित परीक्षा और दूसरा साक्षात्कार दौर (एसएसबी टेस्ट)। आयोग द्वारा लिखित परीक्षा की एक मेरिट सूची तैयार की जाएगी और शॉर्टलिस्ट किए गए लोग एसएसबी परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे। लिखित परीक्षा में 150 मिनट के दो पेपर होते हैं- गणित (300 अंक) और सामान्य योग्यता परीक्षण (600 अंक)। एसएसबी साक्षात्कार (बुद्धिमत्ता और व्यक्तित्व के) के दो चरण होते हैं और इसमें 900 अंक होते हैं। जो कैंडिडेट्स फेज 1 को पास करते हैं, वे ही फेज 2 की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। एसएसबी साक्षात्कार दौर में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का अधिकारियों द्वारा मेडिकल चेकअप होता है। यह एनडीए चयन प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है और चयनित उम्मीदवारों को सैन्य अस्पताल में उपस्थित होना होता है। आखिरी सिलेक्शन तीनों राउंड में उम्मीदवार के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
वायु सेना पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए, उम्मीदवारों को कंप्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली (सीपीपएस) के लिए अतिरिक्त अर्हता प्राप्त करनी होगी।
इस तरह करें एग्जाम की तैयारी
स्मार्ट तरीके बनाएं स्टडी प्लान
सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझने के बाद उम्मीदवार को अपना स्टडी प्लान स्मार्ट तरीके से बनाना चाहिए, ताकि पूरा सिलेबस टाइम मैनेजमेंट के अनुसार कवर कर सकें।
बेसिक कॉन्सेप्ट को करें क्लियर
सिलेबस के किसी भी टॉपिक के बेसिक कॉन्सेप्ट को क्लियर रखें। जहां न समझ आए अपने टीचर्स या कोचिंग की मदद लें। आजकल ऑनलाइन क्लासेज में भी बेसिक कॉन्सेप्ट के लिए स्पेशल सेशन चलाए जाते हैं।
5 वर्षों का एनडीए एग्जाम कट-ऑफ की लिस्ट
कैंडिडेट्स को चाहिए कि वे पिछले 5 वर्षों की परीक्षा के नतीजों में यूपीएससी द्वारा घोषित किए गए कट-ऑफ की लिस्ट बनाएं। इससे समझ पाएंगे कि कम से कम कितने अंक प्राप्त करने के बाद ही आयोग द्वारा शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है।
जनरल एबिलिटी टेस्ट के लिए खास तैयारी
उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए जनरल एबिलिटी टेस्ट मार्क्स मैथ के पेपर से अधिक होते हैं। इस पेपर के अलग-अलग सेक्शन (अंग्रेजी, जनरल नॉलेज, साइंस) के लिए अलग-अलग तैयारी की रणनीति बनाएं।