MPPSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा ,मोबाइल या कोई भी सामान जमा करेंगे तो टोकन दिया जाएगा
MPPSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा ,मोबाइल या कोई भी सामान जमा करेंगे तो टोकन दिया जाएगा, रविवार को होगी 54 जिलों में ..
हैंडहेल्ड डिटेक्टर के जरिये केबिन में होगी महिला अभ्यर्थियों की तलाश, ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को मिलेगा विकल्प चुनने का मौका
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग रविवार को होने जा रही वन व राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थियों की चेकिंग पहली बार केबिन में होगी। महिला अभ्यर्थियों के लिएमहिला स्टाफ तैनात रहेगा। पहली बार एचएचएमडी(हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर) चेकिंग होगी। महिला अभ्यर्थियों की चेकिंग विशेष केबिन में होगी। इसके जरिये पास मौजूद कोई भी स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, मोबाइल या कोई भी नकल सामग्री पकड़ में आ जाएगी। खास बात यह है कि ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को यह मौका मिलेगा कि वे यह चुनाव कर सके कि उनकी चेकिंग महिला स्टाफ करे या पुरुष।
यह है एचएचएमडी चेकिंग?
• वीक्षक हाथ में पकड़े जाने वाले इस उपकरण के जरिये उम्मीदवार की चेकिंग करेंगे।
• इस दौरान अगर उम्मीदवार कोई भी डिजिटल वस्तु छिपाकर लाया होगा तो बीप बजेगी।
• प्रति अभ्यर्थी मुश्किल से 5 से 8 सेकंड का समय लगेगा।
ऐसे होगी एंट्री के बाद की प्रक्रिया
• सुबह 8.30 तक परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार तक पहुंचना होगा।
• प्रवेश द्वार पर लगी सूची (इसमें लिखा होगा कि क्या चीजें प्रतिबंधित हैं) पढ़ना होगी।
• फिर एक काउंटर रहेगा, जहाँ परीक्षार्थी मोबाइल व अन्य वस्तुएं जमा कर टोकन ले सकेंगे।
• ई-प्रवेश पत्र की स्क्रीनिंग मशीन के जरिये होगी।
• आई.एस. बायोमेट्रिक आर्थेक्नेशन-फेस रिकॉग्निशन की प्रक्रिया होगी।
डेढ़ घंटा पहले नहीं पहुंचे तो एंट्री नहीं
पूरे प्रदेश में 355 केंद्र है
परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ ही बाकी प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। इसी कारण अभ्यर्थियों को हर स्थिति में डेढ़ घंटा पहले पहुंचना होगा। खास बात यह है कि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा में फिर अभ्यर्थियों को उसी जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। दरअसल अभी तक अभ्यर्थियों की चेकिंग बेहद सामान्य प्रक्रिया के तहत होती थी। पहली बार पी.एस.सी. ने यूपी.एस.सी. के तर्ज पर थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया। उसी के तहत यह परीक्षा होने जा रही है। अन्य परीक्षाओं में भी इसे लागू किया जाएगा।
MPPSC में कम होता क्रेज…

परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए निगेटिव मार्किंग भी है।
निगेटिव मार्किंग सबसे बड़ा बदलाव है। एक भी गलती से सीध मैरिट पर असर पड़ेगा। इसलिए जिन सवालों के जवाब बिल्कुल नहीं आते, उन्हें छोड़ भी सकते हैं। इस बार प्रतिस्पर्धा इसलिए भी ज्यादा रहेगी, क्योंकि पद कम और अभ्यर्थियों की संख्या पिछले साल से कुछ ज्यादा है।



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