UPSC : यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स एग्जाम मई में,पाकिस्तान समेत 14 देशों से आए लोग भी दे सकते हैं एग्जाम

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लगभग 933 वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 04 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग (यूपीएससी) की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर 24 फरवरी 2026 शाम 6 बजे तक एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स एग्जाम मई में

सिविल सेवा (UPSC CSE) का प्रीलिम्स एग्जाम 24 मई 2026 को आयोजित किया जा सकता है। इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फेस ऑथेंटिकेशन होगा। सुरक्षित और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा। उम्मीदवारों को सलाह
दी गई है कि फेस ऑथेंटिकेशन / पहचान सत्यापन और तलाशी के लिए परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा ।

कौन कर सकता है अप्लाई ?

शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री वाले उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए योग्य हैं। इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के लिए एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स,जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री या इसके बराबर योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा : योग्य उम्मीदवारी की उम्र 01 अगस्त 2026 को कम से कम 21 साल और अधिकतम 32 साल तक ही होनी चाहिए। यानी जन्म 2 अगस्त, 1994 से पहले और 1 अगस्त, 2005 के बाद नहीं होना चाहिए.UPSC परीक्षा 2026 के अनुसार आयु में अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें।

पाकिस्तान समेत 14 देशों से आए लोग भी दे सकते हैं UPSC एग्जाम

जी हां, आपको जानकर शायद हैरानी हो सकती है लेकिन पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, तंजानिया गणराज्य समेत 14 देशों से आए लोग भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देकर भारत सरकार में अफसर बन सकते हैं। यूपीएससी द्वारा जारी नोटिफिकेशन में साफ गया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए, एक उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए। लेकिन अन्य सेवाओं के लिए दूसरे देशों से आए उम्मीदवार भी एग्जाम दे सकते हैं।

अन्य सेवाओं के लिए, एक उम्मीदवार या तो भारत का नागरिक हो, या नेपाल का नागरिक हो, या भूटान का नागरिक हो, या एक तिब्बती शरणार्थी हो जो 1 जनवरी, 1962 से पहले भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से भारत आया हो। इसके अलावा भारतीय मूल का वो शख्स जो पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, तंजानिया गणराज्य, जाम्बिया, मलावी, जैरे, इथियोपिया और वियतनाम से भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए कैंडिडेट्स भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में बैठ सकते हैं।

यूपीएससी सीएसई नियम बदले

बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में इस बारबड़ा बदलाव हुआ है। सबसे बड़ा बदलाव, सेवा में रहते हुए बार-बार एग्जाम देने पर सख्ती है। आयोग ने साफकहा है कि।AS, IPS, IFS समेत अन्य सेवाओ में रहते हुए आवेदन का सिर्फ एक मौका मिलेगा। अगर रैंक सुधारने के लिए एक से ज्यादा बार एग्जाम देना है तो अपने पद से इस्तीफा देकर अप्लाई करना होगा। इसके अलावा आईपीएस दूसरी बार आईपीएस नहीं चुन सकते है।

बस ये है शर्त

बशर्ते कि ऐसे उम्मीदवारों के पक्ष में भारत सरकार द्वारा एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट जारी किया गया हो। जिस उम्मीदवार के मामले में पात्रता प्रमाण पत्र जरूरी है, उसे परीक्षा में शामिल किया जा सकता है, लेकिन नियुत्ति का प्रस्ताव तभी दिया जाएगा जब भारत सरकार द्वारा आवश्यक पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि अधिक जानकारी केलिए यूपीएससी सीएसई 2026 नोटिफिकेशन को ध्यान

पहली बार हुआ ये बदलाव

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा मैं नया बदलाव हुआहै। इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन होगा। सुरक्षित और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्वित करने के लिए, सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि फेसऑरथेंटिकेशन पहचान सत्यापन और तलाशी के लिएपरीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा।

एआई फेस ऑरथेंटिकेशन सिस्टम लागू होने के बाद, उम्मीदवार कोफॉर्म भरते समय लेटेस्ट फोटो अपलोड़ करनी होगी।

फॉर्म की फोटो ज्यादा पुरानी और धुंधली होने पर एग्जाम सेंटर पर एंट्री करते समय परेशानी हो सकती है।

एग्जाम सेंटर पर कम से कम एक घंटा पहले पहुंचना होगा। ताकि शुरुआत में होने वाली प्रक्रिया को आसानी से समय रहते पार किया जा सके।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे एडमिट कार्ड और फोटो आईडी प्रूफ भी ले जाना होगा।

यूपीएससी एआई फेस ऑथेटिकेशन से क्या होगा?

फर्जी उम्मीदवारों की पहचान करने के लिएयूपीएससी जैसे सरकारी भ्ती परीक्षाओं में एआई फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लाया जा रहा है। यह परीक्षाओं में होने वाली जाल साजी और डमी कैंडिडेट्स (दूसरे के स्थान पर एग्जाम देने वाले उम्मीदवार ) जैसी घटनाओं को रोकने में 100% मदद मिलेगी। एआई का यह नया सिस्टम मैन्युअल चेकिंग के मुकाबले अधिक तेज और भरोसेमंद माना जा रहा है।
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