साइबर कानून, जिसे इंटरनेट कानून या साइबर कानून के रूप में भी जाना जाता है, समग्र कानूनी प्रणाली का हिस्सा है और सूचना, ई-कॉमर्स, सॉफ्टवेयर और सूचना सुरक्षा के डिजिटल प्रसार की निगरानी करता है।
डिजिटल दुनिया में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए साइबर लॉ एक्सपर्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। लीगल ट्रेनिंग के साथ कॉरपोरेट मैनेजमेंट का मिला-जुला रूप है साइबर लॉ। इंटरनेट के जरिए धोखाधड़ी, मानहानि, जालसाजी, चोरी जैसी हरकतों को साइबर अपराध माना जाता है। इस फील्ड के एक्सपर्ट साइबर स्पेस से जुड़ी कानूनी समस्याओं को सुलझाने में मदद करते हैं। अगर आपकी रुचि कानून के अलावा साइबर वर्ल्ड में हो रहे डेवलपमेंट में है, तो आप इस फील्ड में बेहतरीन कॅरियर बना सकते हैं। यह आपके लिए एक अच्छा कॅरियर ऑप्शन हो सकता है।
साइबर लॉ क्या है
इंटरनेट पर होने वाले अपराधों से संबंधित कानून को साइबर लॉ या इंटरनेट लॉ कहते हैं। साइबर क्राइम एक अपराध है। इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के कारण आजकल साइबर स्पेस क्राइम का अड्डा बन गया है। साइबर वर्ल्ड के अपराधी पर्सनल अकाउंट हैक करने से लेकर साइबर आतंकवाद और वायरस फैलाने का काम करते हैं।
अनुभव के साथ बढ़ता है पैकेज
एक प्रोफेशनल साइबर वकील प्रति वर्ष औसतन 6 से 10 लाख रुपए कमाता है। फ्रेशर वकील को हर महीने 20 से 25 हजार रुपए मिलते हैं। योग्य उम्मीदवारों को बड़े-बड़े लॉ फर्म्स हाई पैकेज ऑफर करते हैं। योग्यता, अनुभव और स्किल के दम पर पैकेज बढ़ता जाता है।
ऑनलाइन माध्यम ने नए अपराधों को जन्म भी दिया है
टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रयोग ने साइबर लॉ के क्षेत्र में नई चुनौतियों का जन्म हुआ है। हमारे देश में साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ रही हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में अवसरों की भरमार है। साइबर लॉ एक्सपर्ट सरकारी विभागों, प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर, बीपीओ, आईबी, आईटी और शिक्षण संस्थानों में नौकरी पा सकते हैं। इसके अलावा बड़े प्राइवेट फर्म साइबर लॉ एक्सपर्ट नियुक्त करते हैं। अगर आपने साइबर लॉ की पढ़ाई की है तो एक वकील के तौर पर काम करने के अलावा आप आईटी फर्म, पुलिस विभाग और बैंकों में साइबर कंसल्टेंट के तौर पर काम कर सकते हैं।
क्या होनी चाहिए योग्यता
लॉ में ग्रेजुएशन करने के बाद आप किसी भी यूनिवर्सिटी के साइबर लॉ में मास्टर डिग्री प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं। एलएलबी और एलएलएम कोर्स में एडमिशन के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट आयोजित करती है। ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट का भी आयोजन किया जाता है।
शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकते हैं
हालांकि साइबर लॉ में कई शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कोर्स ऑफलाइन और ऑनलाइन चलाए जाते हैं। आप किसी भी अच्छे संस्थान से साइबर लॉ में पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। चाहें तो कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में बीटेक के साथ एलएलबी (ऑनर्स) कर सकते हैं। ■■■■